मास्टर ऑफ आर्ट्स (एम.ए.) - हिस्ट्री - YEAR 2
मास्टर ऑफ आर्ट्स (एम.ए.) - हिस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत हम भारत के अतीत के महत्वपूर्ण चरणों का गहन अध्ययन करते हैं। इसमें आधुनिक भारत का इतिहास (1757 से 1857) जैसे व्यापक पाठ्यक्रम दो भागों में प्रस्तुत किए गए हैं, जो इस महत्वपूर्ण सदी में हुए सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों की विस्तृत समझ प्रदान करते हैं। हम मराठों का इतिहास का भी अध्ययन करते हैं, जो उनके क्षेत्रीय और राष्ट्रीय प्रभाव को उजागर करता है, साथ ही भारत में राज्य विषय के माध्यम से विभिन्न भारतीय राज्यों के गठन और विकास को समझाया जाता है। इतिहास अध्ययन के क्षेत्र को और विस्तार देते हुए भारतीय इतिहास में नारी नामक पाठ्यक्रम महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को केंद्र में रखता है, जो विभिन्न युगों में उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाता है। ऐतिहासिक विश्लेषण को अकादमिक गहराई देने के लिए शोध प्रविधि का पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है, जो इतिहास के क्षेत्र में आवश्यक शोध विधियों से छात्रों को परिचित कराता है।
हमारा मंच छात्रों को वैश्विक संदर्भ से भी जोड़ता है, जहाँ विश्व इतिहास (18वीं एवं 19वीं सदी) को दो विस्तृत भागों में प्रस्तुत किया गया है, और बीसवीं सदी का विश्व जैसे पाठ्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक विश्व को प्रभावित करने वाली प्रमुख वैश्विक घटनाओं और विचारधाराओं को समझाया गया है। शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ हम छात्रों को व्यावसायिक और जीवन उपयोगी कौशलों से भी सुसज्जित करने में विश्वास रखते हैं। इसी उद्देश्य से हमने Mushroom Cultivation का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है, जो सतत कृषि की दिशा में एक व्यावहारिक पहल है। Tally ERP 9 का ज्ञान भी प्रदान किया जाता है, जो लेखा और वित्त क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है। House Hold Wiring का कोर्स विद्युत सुरक्षा और वायरिंग की मूलभूत जानकारी देता है, जबकि Communication Skill and Personality Development व्यक्तियों में आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण और संवाद कौशल को विकसित करने में सहायक है। हमारे पाठ्यक्रमों की श्रृंखला को Yoga Education पूर्ण करती है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को बढ़ावा देती है।
इस समृद्ध और विविधतापूर्ण पाठ्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य छात्रों को ऐसा ज्ञान प्रदान करना है जो अतीत और वर्तमान के बीच सेतु बनाते हुए उन्हें भविष्य के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक योग्यता दोनों से सुसज्जित कर सके।